भारतीय वायुसेना को प्रतिवर्ष 36–40 लड़ाकू विमान की आवश्यकता: स्क्वाड्रन शक्ति और ‘अस्त्र’ बीवीआर क्षमता
वायुसेना नेतृत्व ने स्क्वाड्रन संख्या बनाए रखने और 42 की स्वीकृत शक्ति की दिशा में बढ़ने के लिए तेज विमान-प्रवेश की जरूरत बताई; स्वदेशी अस्त्र मिसाइल परिवार भी केंद्र में है।
पाठ्यक्रम से सीधा संबंध
- प्रारंभिक: अस्त्र मिसाइल और दृष्टि-सीमा से परे युद्ध।
- मुख्य: रक्षा आधुनिकीकरण, स्वदेशीकरण और वायु शक्ति।
चर्चा में क्यों?
भारतीय वायुसेना (Indian Air Force—IAF) नेतृत्व ने कहा कि पुराने बेड़े के प्रतिस्थापन और स्क्वाड्रन शक्ति में गिरावट रोकने के लिए लगभग 36–40 लड़ाकू विमानों का वार्षिक प्रवेश आवश्यक है। दीर्घकालिक लक्ष्य 42 स्वीकृत लड़ाकू स्क्वाड्रन की दिशा में क्षमता बढ़ाना है।
स्क्वाड्रन शक्ति का अर्थ
वास्तविक युद्ध शक्ति केवल विमान संख्या से तय नहीं होती। उपलब्धता दर, रखरखाव, हथियार, सेंसर, पायलट प्रशिक्षण, हवाई चेतावनी, टैंकर और नेटवर्कयुक्त कमान क्षमता मिलकर प्रभावशीलता तय करते हैं।
दृष्टि-सीमा से परे क्षमता
दृष्टि-सीमा से परे (Beyond Visual Range—BVR) युद्ध में लक्ष्य को प्रत्यक्ष दृश्य सीमा से बाहर रहते हुए सेंसर और मार्गदर्शित मिसाइल से साधा जाता है। इसमें रडार, डेटा लिंक, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और लंबी दूरी की हवा-से-हवा मिसाइल का समन्वय आवश्यक है।
अस्त्र मिसाइल
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (Defence Research and Development Organisation—DRDO) द्वारा विकसित अस्त्र स्वदेशी दृष्टि-सीमा से परे हवा-से-हवा मिसाइल परिवार है। इसके विभिन्न संस्करण बढ़ती दूरी और बेहतर युद्ध क्षमता के लिए विकसित किए जा रहे हैं।
मुख्य परीक्षा विश्लेषण
भारत के सामने तात्कालिक संख्या-घाटे को भरने और दीर्घकाल में डिजाइन, इंजन, एवियोनिक्स, सेंसर तथा हथियारों की घरेलू क्षमता बनाने की दोहरी चुनौती है। खरीद और स्वदेशी विकास को समय-सीमा आधारित मिश्रित रणनीति के रूप में देखना उपयोगी है।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
प्रश्न: आधुनिक वायु शक्ति केवल लड़ाकू विमान संख्या का प्रश्न नहीं है। भारत के संदर्भ में नेटवर्क, हथियार, स्वदेशी उत्पादन और जीवन-चक्र समर्थन की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
त्वरित पुनरावृत्ति
- विषय: रक्षा प्रौद्योगिकी एवं वायु शक्ति
- समाचार तिथि: 4 अक्टूबर 2026
- परीक्षा संबंध: प्रारंभिक + सामान्य अध्ययन–III
- वायुसेना नेतृत्व ने स्क्वाड्रन संख्या बनाए रखने और 42 की स्वीकृत शक्ति की दिशा में बढ़ने के लिए तेज विमान-प्रवेश की जरूरत बताई; स्वदेशी अस्त्र मिसाइल परिवार भी केंद्र में है।