भारतीय वायु सेना का 94वाँ स्थापना दिवस: ‘अचूक, अभेद्य और सटीक’ तथा वायु शक्ति का आधुनिकीकरण
8 अक्टूबर 2026 को भारतीय वायु सेना ने अपना 94वाँ स्थापना दिवस मनाया। इस वर्ष की थीम ‘Indian Air Force: Infallible, Impervious and Precise’ अर्थात ‘अचूक, अभेद्य और सटीक’ रही।
पाठ्यक्रम से सीधा संबंध
- प्रारंभिक: भारतीय वायु सेना, स्वदेशी लड़ाकू विमान, हवा-से-हवा मिसाइल और वायु रक्षा प्रणालियाँ।
- मुख्य सामान्य अध्ययन–III: सुरक्षा बल, रक्षा स्वदेशीकरण, संयुक्तता, दो-मोर्चा चुनौती और आधुनिक युद्धकला।
चर्चा में क्यों?
भारतीय वायु सेना ने 8 अक्टूबर 2026 को वायु सेना स्टेशन हिंडन में 94वाँ वायु सेना दिवस मनाया। रक्षा नेतृत्व ने तेजी से बदलते, प्रौद्योगिकी-प्रधान युद्धक्षेत्र में वायु शक्ति की निर्णायक भूमिका, नेटवर्क-केंद्रित संचालन और स्वदेशीकरण पर जोर दिया। सरकार ने 6 अक्टूबर को एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को अगला वायु सेना प्रमुख नियुक्त करने की घोषणा भी की।
प्रारंभिक परीक्षा के मुख्य तथ्य
- स्थापना: 8 अक्टूबर 1932 को ‘रॉयल इंडियन एयर फोर्स’ के रूप में स्थापना; स्वतंत्रता के बाद ‘रॉयल’ शब्द हटाया गया।
- आदर्श वाक्य: ‘नभः स्पृशं दीप्तम्’ — श्रीमद्भगवद्गीता के 11वें अध्याय से।
- 2026 की थीम: ‘Indian Air Force: Infallible, Impervious and Precise’ — अचूक, अभेद्य और सटीक।
- अस्त्र: स्वदेशी दृश्य-सीमा-पार हवा-से-हवा मिसाइल परिवार, जो भारतीय लड़ाकू विमानों की वायु-से-वायु क्षमता बढ़ाता है।
- तेजस: हल्का लड़ाकू विमान कार्यक्रम भारतीय वायु शक्ति के स्वदेशीकरण का मुख्य आधार है; आगे तेजस एमके-1ए और एमके-2 पर जोर है।
- स्क्वाड्रन चुनौती: स्वीकृत लड़ाकू स्क्वाड्रन शक्ति 42 है, जबकि वास्तविक उपलब्धता इससे काफी कम है; पुराने विमानों की सेवानिवृत्ति से अंतर बढ़ा है।
मुख्य परीक्षा विश्लेषण
आधुनिक वायु शक्ति केवल लड़ाकू विमानों तक सीमित नहीं है। ड्रोन, लंबी दूरी की सटीक मारक क्षमता, वायु एवं मिसाइल रक्षा, उपग्रह आधारित निगरानी, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और सुरक्षित डेटा-लिंक एक संयुक्त युद्धक तंत्र बनाते हैं। भारत के लिए दो प्राथमिकताएँ समानांतर चलती हैं—पहली, संख्या और उपलब्धता की कमी को दूर करना; दूसरी, स्वदेशी प्लेटफॉर्म, सेंसर, इंजन और हथियारों की तकनीकी आत्मनिर्भरता बढ़ाना।
- तेजस एमके-1ए/एमके-2 और भविष्य के उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान कार्यक्रम का समयबद्ध उत्पादन।
- बहुस्तरीय वायु रक्षा, एंटी-ड्रोन ग्रिड और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमता को मजबूत करना।
- थिएटर कमान बनाते समय वायु शक्ति की गति, लचीलापन और केंद्रीकृत नियंत्रण के संतुलन को बनाए रखना।
- स्वदेशी एयरो-इंजन, रडार, सेंसर और हथियारों में दीर्घकालिक अनुसंधान निवेश।
अभ्यास प्रश्न
प्रारंभिक: (1) ‘अस्त्र’ दृश्य-सीमा-पार हवा-से-हवा मिसाइल है; (2) भारतीय वायु सेना का आदर्श वाक्य भगवद्गीता से लिया गया है; (3) भारतीय वायु सेना की स्वीकृत लड़ाकू स्क्वाड्रन शक्ति 42 है। सही उत्तर: 1, 2 और 3।
मुख्य: घटती स्क्वाड्रन शक्ति और ड्रोन-प्रधान युद्ध के संदर्भ में भारतीय वायु सेना के आधुनिकीकरण और स्वदेशीकरण की प्राथमिकताओं का विश्लेषण कीजिए।
त्वरित पुनरावृत्ति
- 8 अक्टूबर 1932 → भारतीय वायु सेना की स्थापना
- 2026 → 94वाँ वायु सेना दिवस
- थीम → अचूक, अभेद्य और सटीक
- मुख्य चुनौती → स्क्वाड्रन संख्या + तकनीकी आधुनिकीकरण
- मुख्य दिशा → स्वदेशी विमान, मिसाइल, रडार और एकीकृत वायु रक्षा