भारत की चार भालू प्रजातियाँ, प्रवाल पुनर्जीवन, पक्षियों की राष्ट्रीय लाल सूची और कमला परियोजना
भारतीय वन्यजीव संस्थान की चार भारतीय भालू प्रजातियों पर राष्ट्रीय अध्ययन पहल, विरंजित प्रवालों में सहजीवी शैवाल स्थानांतरण, 1,211 पक्षी प्रजातियों की राष्ट्रीय लाल सूची समीक्षा और 1,720 मेगावाट कमला जलविद्युत परियोजना का अध्ययन।
चर्चा में क्यों?
अक्टूबर 2026 में भारत की जैव विविधता से जुड़ी चार अलग घटनाएँ चर्चा में रहीं। भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) पहली बार भारत में पाई जाने वाली चारों भालू प्रजातियों—हिमालयी भूरा भालू, एशियाई काला भालू, स्लॉथ भालू और सन बियर—को एक राष्ट्रीय अध्ययन ढाँचे में लाने की तैयारी कर रहा है। इसका लक्ष्य जनसंख्या, वितरण, भौगोलिक विस्तार, आवास परिवर्तन और मानव–भालू संघर्ष का वैज्ञानिक आकलन है।
इसी समय एक सहकर्मी-समीक्षित प्रवाल अध्ययन ने स्वस्थ प्रवाल से विरंजित प्रवाल में प्रत्यक्ष संपर्क के माध्यम से सहजीवी शैवाल स्थानांतरण की तेज़ प्रक्रिया दिखाई; भारत ने 1,211 पक्षी प्रजातियों का सहयोगी राष्ट्रीय लाल सूची आकलन शुरू किया; और अरुणाचल प्रदेश की 1,720 MW कमला जलविद्युत परियोजना के लिए बड़े पैमाने पर वन भूमि विचलन प्रस्ताव चर्चा में आया।
भारत की चार भालू प्रजातियों का राष्ट्रीय अध्ययन
WII की पहल का महत्त्व केवल “भालू गणना” तक सीमित नहीं है। देश-स्तरीय assessment में प्रजाति-वार वितरण और ऐतिहासिक विस्तार, ऐसे क्षेत्र जहाँ पहले दृश्य दर्ज होने थीं लेकिन अब दर्ज नहीं होतीं, आवास क्षरण तथा मानवीय दबाव जैसे कारण भी देखे जाएंगे। कैमरा ट्रैप, मल विश्लेषण, अप्रत्यक्ष संकेत और मैदानी सर्वेक्षण जैसी विधियाँ उपयोगी होंगी।
तथ्य-सावधानी: उपलब्ध रिपोर्टिंग इसे सभी चार species को एक framework में लाने वाली पहली राष्ट्रीय-स्तरीय अभ्यास बताती है। इसे ऐसा न पढ़ें कि चारों species की पूरी मैदानी गणना एक ही दिन से हर राज्य में शुरू हो चुकी है; अलग species और landscapes के लिए चरणबद्ध surveys/proposals हो सकते हैं।
भारत के वर्तमान वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम की अनुसूची-I में Asiatic Black Bear, Brown Bear, Sun Bear और Sloth Bear सभी सूचीबद्ध हैं। इसका अर्थ है कि इनका संरक्षण भारतीय वन्यजीव कानून के सबसे कड़े स्तरों में आता है।
चारों भारतीय भालू: परीक्षा सारणी
| प्रजाति | भारत में मुख्य वितरण/विशेषता | वैश्विक IUCN स्थिति | WPA |
|---|---|---|---|
| हिमालयी भूरा भालू Ursus arctos isabellinus | पश्चिमी एवं ट्रांस-हिमालय; जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड के ऊँचे क्षेत्र। भारत में अत्यंत विरल और क्षेत्रीय रूप से गंभीर संरक्षण चिंता। | Ursus arctos species-level: Least Concern; छोटी दक्षिणी populations का जोखिम इससे अधिक हो सकता है। | अनुसूची-I |
| एशियाई काला भालू Ursus thibetanus | हिमालय और पूर्वोत्तर के वन; छाती पर सफेद/क्रीम अर्धचंद्र जैसा निशान। | Vulnerable | अनुसूची-I |
| स्लॉथ भालू Melursus ursinus | मध्य एवं प्रायद्वीपीय भारत के वन, scrub और grassland; दीमक व चींटियों के लिए विशेष अनुकूलन। | Vulnerable | अनुसूची-I |
| सन बियर Helarctos malayanus | दक्षिण एवं दक्षिण-पूर्व एशिया की सबसे छोटी bear species; भारत में पूर्वोत्तर के सीमित tropical forest क्षेत्रों में उपस्थिति। | Vulnerable | अनुसूची-I |
विरंजित प्रवालों में तेज़ सहजीवी शैवाल स्थानांतरण
प्रवाल विरंजन में ऊष्मीय तनाव के कारण प्रवाल मेज़बान अपने प्रकाश-संश्लेषी डाइनोफ्लैजेलेट सहजीवी—Symbiodiniaceae—खो देता है। इससे coral का रंग फीका/सफेद पड़ता है और लंबे समय तक symbionts न लौटें तो भुखमरी और मृत्यु का जोखिम बढ़ता है।
अक्टूबर 2026 में Science Advances में प्रकाशित अध्ययन ने Pocillopora damicornis के छोटे प्रवाल खंड में दिखाया कि healthy और bleached fragments के सीधे संपर्क से symbionts दिनों से हफ्तों के भीतर transfer हो सकते हैं। एक सप्ताह का संपर्क, और कुछ मामलों में केवल तीन दिन, स्थायी पुनर्प्राप्ति शुरू करने के लिए पर्याप्त था। मुख्य तेज़ प्रमुख मार्ग ऊतक संलयन (tissue fusion) था।
लेकिन एक महत्वपूर्ण सीमा है: efficient fusion-mediated recovery मुख्यतः same genet यानी आनुवंशिक रूप से समान प्रवाल ऊतक में दिखी। अलग genets के pairings में प्रतिरोधी अंतःक्रियाएँ हुईं। इसलिए यह परिणाम प्रवाल भित्ति पुनर्स्थापन के लिए आशाजनक वैज्ञानिक आधार है, लेकिन अभी इसे बड़े समुद्री क्षेत्र में लागू सिद्ध पुनर्स्थापन प्रौद्योगिकी नहीं माना जा सकता।
रंगीन विरंजन: अलग प्रकाश-सुरक्षात्मक प्रक्रिया
PDF में रंगीन विरंजन को उसी 2026 contact-transfer प्रयोग के साथ जोड़ा गया है, पर वैज्ञानिक रूप से इसे अलग रखना चाहिए। 2020 के Current Biology अध्ययन ने दिखाया था कि bleaching के बाद coral skeleton से बढ़े internal light flux के जवाब में प्रवाल मेज़बान GFP-like photoprotective pigments अधिक बना सकता है। इससे coral असामान्य रूप से गुलाबी, बैंगनी या अन्य चमकीले रंगों का दिख सकता है।
ये pigments अतिरिक्त प्रकाश तनाव कम करने में मदद कर सकते हैं और symbionts की recolonization के लिए बेहतर परिस्थितियाँ बना सकते हैं। इसे “प्रकाशीय प्रतिपुष्टि चक्र (optical feedback loop)” के रूप में समझना उपयोगी है। यह हर bleached coral में नहीं होता और रंगीन विरंजन स्वयं recovery की गारंटी नहीं है।
1,211 पक्षी प्रजातियों की राष्ट्रीय लाल सूची
भारत के National Red List of Flora, Fauna and Fungi — Vision 2025–2030 के अंतर्गत 1,211 भारतीय bird species का collaborative assessment शुरू हुआ है। पहल MoEFCC के नेतृत्व में BSI, ZSI, IUCN India और IUCN SSC Center for Species Survival India–WTI से जुड़ी है; bird assessment में ZSI, CSS India–WTI और State of India’s Birds (SoIB) सहयोग कर रहे हैं।
19 अक्टूबर 2026 के आधिकारिक partner update के अनुसार 100 से अधिक species का assessment experts की प्रतिक्रिया के लिए प्रस्तुत किया जा चुका था। PDF में “107” लिखा है, लेकिन सार्वजनिक partner source “over 100” कहता है; इसलिए वेबसाइट पर अधिक सटीक वही भाषा रखी गई है। प्रथम चरण का लक्ष्य लगभग 11,000 flora, fauna और fungi species का आकलन है।
राष्ट्रीय assessment की जरूरत इसलिए है कि कोई species वैश्विक आईयूसीएन सूची में अपेक्षाकृत सुरक्षित हो सकती है, जबकि भारत के भीतर उसकी population, range या trend अधिक खराब हो। National Red List geographic range, population size और जनसंख्या प्रवृत्ति जैसे data को भारतीय conservation priority से जोड़ सकती है।
गुजरात तट पर व्हेल का तट पर फँसना
भारत में समुद्री स्तनधारियों के तट पर फँसने की घटनाएँ की ऐतिहासिक और आधुनिक records उपलब्ध हैं, और CMFRI सहित संस्थानों ने Gujarat coast पर Bryde’s whale जैसे मामलों को भी दस्तावेजित किया है। Whale stranding के कारण अनेक हो सकते हैं—रोग, चोट, दिशा-निर्धारण त्रुटि, शिकार प्रजातियों की आवाजाही, ध्वनिक व्यवधान, जाल में उलझना या समुद्र-विज्ञान संबंधी परिस्थितियाँ—इसलिए किसी एक घटना से कारण तय नहीं किया जा सकता।
परीक्षा के लिए मुख्य बिंदु यह है कि stranding records marine mammal distribution, health और mortality patterns के लिए महत्वपूर्ण पारिस्थितिक आँकड़े बन सकते हैं। Gujarat की लंबी coastline पर मानकीकृत रिपोर्टिंग, शव-परीक्षण प्रोटोकॉल, ऊतक नमूना संग्रह और समन्वित प्रतिक्रिया तंत्र से long-term monitoring मजबूत किया जा सकता है।
कमला जलविद्युत परियोजना और वन विचलन
NHPC की प्रस्तावित 1,720 MW Kamala Hydroelectric Project अरुणाचल प्रदेश में Kamala River पर है, जो Subansiri की right-bank tributary है। परियोजना के लिए लगभग 3,278 hectare वन भूमि को गैर-वन उपयोग में divert करने का प्रस्ताव है। परियोजना दस्तावेजों के अनुसार वन भूमि विचलन स्वीकृत होने पर लगभग 23.4 लाख पेड़ों की कटाई पड़ सकती है।
परियोजना को फरवरी 2026 में expert appraisal committee की environmental-clearance recommendation मिल चुकी थी, लेकिन अंतिम पर्यावरणीय मंजूरी और वन मंजूरी प्रक्रिया अलग चरण हैं। प्रतिपूरक वनीकरण के लिए मध्य प्रदेश में भूमि प्रस्तावित की गई है।
यह मामला हिमालयी hydropower के दोहरे चरित्र को दिखाता है—एक ओर कम-कार्बन बिजली और grid flexibility, दूसरी ओर वन विखंडन, जैव विविधता हानि, अवसाद प्रवाह व्यवस्था, नदी पारिस्थितिकी और समेकित नदी-बेसिन प्रभाव।
मुख्य परीक्षा विश्लेषण
राष्ट्रीय बनाम वैश्विक conservation status: WII bear study और National Red List बताते हैं कि global category भारत की स्थानीय conservation planning का पूर्ण विकल्प नहीं है। Species का राष्ट्रीय वितरण-क्षेत्र, जनसंख्या प्रवृत्ति, fragmentation और human conflict अलग से मापना पड़ता है।
Restoration की सीमा: Coral symbiont-transfer experiment सक्रिय पुनर्स्थापन के लिए वैज्ञानिक संभावना खोलता है, पर climate-driven समुद्री ऊष्मा-लहरें जारी रहें तो केवल laboratory-assisted recovery पर्याप्त नहीं होगी। Local pollution, destructive fishing और coastal stress घटाने के साथ greenhouse-gas mitigation जरूरी है।
विकास–पर्यावरण संतुलन: कमला परियोजना जैसे बड़े hydropower projects में project-level EIA के साथ परिदृश्य/नदी-बेसिन स्तर का समेकित प्रभाव, वन्यजीव संपर्कता, निचले प्रवाह क्षेत्र के जल-प्रवाह और स्थानीय समुदायों के हितों का आकलन आवश्यक है। Compensatory plantation mature प्राकृतिक वन की ecological complexity का पूर्ण substitute नहीं है।
विगत वर्ष का वास्तविक प्रश्न
UPSC मुख्य परीक्षा 2019 • सामान्य अध्ययन-I • 10 अंक • 150 शब्द
प्रश्न: वैश्विक तापन का प्रवाल जीवन तंत्र पर प्रभावों का उदाहरणों के साथ आकलन कीजिए।
प्रश्न की मांग समझें
उत्तर में केवल coral bleaching की परिभाषा पर्याप्त नहीं है। समुद्री तापमान वृद्धि, bleaching और symbiont loss, calcification, disease, reproduction, biodiversity, fisheries/coastal protection तथा विभिन्न reef regions के उदाहरण जोड़ने चाहिए। 2026 का symbiont-transfer अध्ययन “recovery intervention” का आधुनिक उदाहरण हो सकता है, लेकिन जलवायु शमन के विकल्प के रूप में नहीं।
प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- भारत में Asiatic Black Bear, Brown Bear, Sun Bear और Sloth Bear सभी वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम की अनुसूची-I में हैं।
- 2026 के coral study में तेज़ tissue-fusion आधारित symbiont transfer अलग-अलग coral genets के बीच सबसे प्रभावी पाया गया।
- भारत का National Red List bird assessment 1,211 species को शामिल करता है।
- 22 अक्टूबर 2026 तक Kamala project के लिए 23.4 लाख पेड़ों की कटाई को अंतिम forest clearance मिल चुकी थी।
- (a) केवल 1 और 3
- (b) केवल 1, 2 और 3
- (c) केवल 2 और 4
- (d) 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर और विस्तृत व्याख्या
सही उत्तर: (a) केवल 1 और 3
कथन 2 गलत है: तेज़ fusion-mediated transfer समान आनुवंशिक समूह (same-genet) tissues में सफल था; mixed-genet pairings में antagonism देखा गया। कथन 4 भी गलत है: 22 अक्टूबर तक वन भूमि विचलन प्रस्ताव appraisal के लिए लंबित था।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न
“जैव विविधता संरक्षण में बेहतर गणना, स्थानीय extinction-risk assessment और सक्रिय restoration जितने आवश्यक हैं, उतना ही विकास परियोजनाओं के cumulative ecological impact का मूल्यांकन भी।” भारत की चार भालू प्रजातियों के राष्ट्रीय अध्ययन, पक्षी National Red List, coral recovery research और Kamala hydropower project के संदर्भ में चर्चा कीजिए।
15 अंक • 250 शब्द
संबंधित अध्ययन
स्रोत और संदर्भ
- The New Indian Express—WII का national-level four-bear study
- India Code—Wild Life (Protection) Act, Schedule I
- Science Advances—Rapid coral bleaching recovery via symbiont transfer
- Current Biology—Colorful coral bleaching प्रकाशीय प्रतिपुष्टि चक्र (optical feedback loop)
- Wildlife Trust of India—National Red List assessment of 1,211 bird species
- The Indian Express—Kamala project forest-diversion proposal, 22 अक्टूबर 2026
- ICAR-CMFRI—Marine mammal/stranding research resources
- UPSC—Previous question papers