LIVEUPSC CSE 2027 & BPSC • नोट्स • समसामयिकी • PYQ • Tests
इस पृष्ठ में
अर्थव्यवस्था • वित्तीय समावेशन • ग्रामीण विकास • UPSC

वित्तीय समावेशन अभियान, भारत–न्यूज़ीलैंड EODE, फॉर्म 173A और राष्ट्रीय सरस मेला

2.70 लाख ग्राम पंचायतों/शहरी निकायों का वित्तीय समावेशन अभियान, भारत–न्यूज़ीलैंड EODE, CBDT Form 173A और विजयवाड़ा राष्ट्रीय SARAS मेला 2026 का UPSC के लिए विस्तृत अध्ययन।

23 अक्टूबर 2026

चर्चा में क्यों?

23 अक्टूबर के अर्थव्यवस्था–समावेशन खंड में चार जुड़े हुए घटनाक्रम महत्वपूर्ण हैं—वित्तीय समावेशन संतृप्ति अभियान, भारत–न्यूज़ीलैंड के बीच इलेक्ट्रॉनिक मूल-स्थान डेटा आदान-प्रदान (EODE), सरकारी प्रतिभूतियों पर कर-छूट दावे के लिए नया फॉर्म 173A और विजयवाड़ा का राष्ट्रीय सरस मेला 2026। चारों में एक साझा धागा है: पहुँच, भरोसा, अनुपालन और बाजार-संपर्क।

वित्तीय समावेशन संतृप्ति अभियान

वित्तीय सेवा विभाग (DFS), वित्त मंत्रालय ने 21 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक देश के लगभग 2.70 लाख ग्राम पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों में विशेष अभियान शुरू किया है। बैंकों द्वारा शिविर लगाकर उन पात्र लोगों तक योजनाएँ पहुँचानी हैं जो अब तक बाहर रह गए हैं।

  • प्रधानमंत्री जन-धन योजना (PMJDY) खाते खोलना और पुराने खातों का पुनः-केवाईसी।
  • प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) और अटल पेंशन योजना (APY) में नामांकन।
  • लंबित केंद्रीय केवाईसी (C-KYC) पहचान संख्या बनाना; CKYCR की मानक KYC पहचान संख्या 14 अंकों की होती है।
  • बचत खातों/लॉकर में नामांकन (nomination) अद्यतन करना।
  • डिजिटल धोखाधड़ी और “आपकी पूंजी, आपका अधिकार” के अंतर्गत दावा-रहित वित्तीय परिसंपत्तियों पर जागरूकता।
  • पात्र PM-KISAN लाभार्थियों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) आवेदन तथा रबी मौसम के लिए PMFBY नामांकन को बढ़ाना।

भारत–न्यूज़ीलैंड EODE सहयोग ज्ञापन

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) और न्यूज़ीलैंड सीमा शुल्क सेवा (NZCS) ने 19 अक्टूबर 2026 को इलेक्ट्रॉनिक मूल-स्थान डेटा आदान-प्रदान पर सहयोग ज्ञापन (MoC) किया। यह भारत–न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के अंतर्गत है, जो 20 अक्टूबर 2026 से लागू हुआ।

व्यवस्था का उद्देश्य माल के मूल-स्थान (origin) संबंधी डेटा का अग्रिम इलेक्ट्रॉनिक आदान-प्रदान करना है ताकि सीमा शुल्क को सत्यापन में मदद मिले, सूचना-अंतर घटे और वास्तविक पात्र व्यापारियों को FTA की शुल्क रियायतें अधिक निश्चितता से मिलें।

परीक्षा में याद रखें: Rules of Origin यह निर्धारित करते हैं कि किसी FTA में कोई वस्तु वास्तव में साझेदार देश की मानी जाएगी या नहीं। EODE उसी सत्यापन को डिजिटल और तेज बनाता है।

CBDT का नया फॉर्म 173A

CBDT ने अधिसूचना संख्या 137/2026, दिनांक 19 अक्टूबर 2026 के माध्यम से आयकर नियम, 2026 में नियम 281A और फॉर्म 173A जोड़ा। यह अनुसूची IV की प्रविष्टि 13D और 13E के तहत सरकारी प्रतिभूतियों से ब्याज तथा उनके विक्रय/विनिमय/हस्तांतरण से पूंजीगत लाभ पर छूट का दावा करने के लिए सूचना-प्रपत्र है।

  • 13D: निर्दिष्ट विदेशी संस्थागत निवेशक (FII)।
  • 13E: बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (BIS)।
  • फॉर्म में PAN, निवास देश, TIN, SEBI पंजीकरण, कर-वर्ष, ISIN, सरकारी प्रतिभूति का प्रकार/अवधि, खरीद-बिक्री, ब्याज और पूंजीगत लाभ का विवरण माँगा जाता है।
  • यह सामान्य घरेलू निवेशकों के लिए सार्वभौमिक कर-छूट फॉर्म नहीं है।

राष्ट्रीय सरस मेला 2026, विजयवाड़ा

ग्रामीण विकास मंत्रालय और आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा 13–31 अक्टूबर 2026 तक पुन्नामी घाट, विजयवाड़ा में राष्ट्रीय सरस मेला आयोजित हो रहा है। यह दिल्ली-NCR के बाहर आयोजित पहला राष्ट्रीय सरस मेला है। 21 अक्टूबर की अद्यतन सरकारी सूचना के अनुसार लगभग 1,500 महिला SHG उद्यमी और लखपति दीदियाँ, 34 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों और 650+ स्टॉलों के साथ भाग ले रही हैं।

सरस मेले दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) से जुड़े बाजार-संपर्क मंच हैं। भौतिक मेले के साथ eSARAS जैसे डिजिटल माध्यम ग्रामीण महिला उद्यमियों को स्थानीय बाजार से आगे खरीदारों तक पहुँचाने में सहायक हैं।

मुख्य परीक्षा विश्लेषण

वित्तीय समावेशन का अर्थ केवल बैंक खाता खोलना नहीं है। बीमा, पेंशन, ऋण, KYC, नामांकन, धोखाधड़ी से सुरक्षा और वित्तीय साक्षरता उसके अगले चरण हैं। इसी तरह SHG सशक्तीकरण में ऋण उपलब्धता तभी टिकाऊ आय में बदलती है जब बाजार, ब्रांडिंग, गुणवत्ता और डिजिटल बिक्री भी मिले। दूसरी ओर EODE और Form 173A दिखाते हैं कि अर्थव्यवस्था के औपचारिकीकरण में भरोसेमंद डेटा और मानकीकृत अनुपालन की भूमिका बढ़ रही है। इसलिए “पहुँच + उपयोग + सुरक्षा + बाजार” को समग्र वित्तीय समावेशन ढाँचे के रूप में देखना चाहिए।

विगत वर्ष का वास्तविक UPSC प्रश्न

UPSC CSE Prelims 2010

प्रश्न: भारत में वित्तीय समावेशन प्राप्त करने के कदमों के संदर्भ में— (1) बैंकों का राष्ट्रीयकरण, (2) क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का गठन और (3) बैंक शाखाओं द्वारा गाँवों को अपनाना— इनमें कौन-से सही हैं?

(a) केवल 1 और 2   (b) केवल 2 और 3   (c) केवल 3   (d) 1, 2 और 3

सही उत्तर और व्याख्या देखें

उत्तर: (d) 1, 2 और 3। तीनों कदम औपचारिक बैंकिंग की भौगोलिक और सामाजिक पहुँच बढ़ाने से जुड़े रहे हैं।

प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास

1. 2026 वित्तीय समावेशन संतृप्ति अभियान केवल ग्राम पंचायतों तक सीमित है। 2. EODE भारत–न्यूज़ीलैंड FTA के अंतर्गत मूल-स्थान डेटा के इलेक्ट्रॉनिक आदान-प्रदान से जुड़ा है। 3. फॉर्म 173A सामान्य भारतीय खुदरा निवेशक के हर सरकारी बॉन्ड निवेश पर लागू अनिवार्य फॉर्म है।

(a) केवल 1   (b) केवल 2   (c) केवल 2 और 3   (d) 1, 2 और 3

उत्तर देखें

उत्तर: (b) केवल 2। अभियान ग्राम पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों दोनों को कवर करता है; Form 173A प्रविष्टि 13D/13E के पात्र दावेदारों के लिए है।

मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न

15 अंक · 250 शब्द: “वित्तीय समावेशन का अगला चरण बैंक खाता खोलने से आगे बढ़कर सामाजिक सुरक्षा, वित्तीय साक्षरता, डेटा-आधारित अनुपालन और बाजार-संपर्क तक जाता है।” हालिया वित्तीय समावेशन अभियान और राष्ट्रीय सरस मेले के संदर्भ में विश्लेषण कीजिए।

पूरा आदर्श उत्तर पढ़ें →

स्रोत और संदर्भ