विश्व कपास दिवस 2026 और ‘कस्तूरी कॉटन भारत’: गुणवत्ता, ट्रेसेबिलिटी और कपास मूल्य-शृंखला
विश्व कपास दिवस के अवसर पर भारत के प्रीमियम कपास ब्रांड ‘कस्तूरी कॉटन भारत’ की वैश्विक पहचान और ब्लॉकचेन आधारित ट्रेसेबिलिटी चर्चा में रही।
पाठ्यक्रम से सीधा संबंध
- प्रारंभिक: प्रमुख फसलें, कृषि भूगोल, बीटी कपास और विश्व कपास दिवस।
- मुख्य सामान्य अध्ययन–III: फसल पैटर्न, कृषि उत्पादकता, वस्त्र उद्योग, जैव-प्रौद्योगिकी और किसान आय।
चर्चा में क्यों?
7 अक्टूबर को विश्व कपास दिवस मनाया जाता है। नई दिल्ली में भारतीय कपड़ा उद्योग परिसंघ द्वारा आयोजित वैश्विक कपास सम्मेलन में ‘लचीली कपास मूल्य-शृंखला हेतु सहयोग’ विषय पर चर्चा हुई और ‘कस्तूरी कॉटन भारत’ के वैश्विक विस्तार तथा ब्लॉकचेन ट्रेसेबिलिटी पर ध्यान दिया गया।
विश्व कपास दिवस की पृष्ठभूमि
- 2019 में कॉटन-4 देशों—बेनिन, बुर्किना फासो, चाड और माली—ने विश्व व्यापार संगठन में इसकी पहल की।
- 2021 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 7 अक्टूबर को विश्व कपास दिवस के रूप में मान्यता दी।
‘कस्तूरी कॉटन भारत’ क्या है?
यह भारतीय प्रीमियम कपास की वैश्विक पहचान के लिए राष्ट्रीय ब्रांड है। गुणवत्ता पहचान में उच्च शुद्धता, चमक, कम कचरा तथा क्यूआर कोड और ब्लॉकचेन आधारित खेत-से-कपड़ा ट्रेसेबिलिटी शामिल है।
कपास की भौगोलिक दशाएँ
- मिट्टी: दक्कन की काली/रेगुर मिट्टी।
- तापमान: लगभग 21°C–30°C।
- वर्षा: लगभग 50–100 सेमी।
- लगभग 210 पाला-मुक्त दिन और पर्याप्त धूप उपयोगी।
- भारत में कपास मुख्यतः खरीफ फसल है।
बीटी कपास और जैव-सुरक्षा
- भारत में व्यावसायिक खेती के लिए स्वीकृत प्रमुख आनुवंशिक रूप से संशोधित फसल बीटी कपास है; इसे 2002 में मंजूरी मिली।
- इसमें Bacillus thuringiensis से जुड़े Cry जीन बॉलवर्म नियंत्रण के लिए उपयोग किए जाते हैं।
- गुलाबी सुंडी में प्रतिरोध और अवैध शाकनाशी-सहिष्णु बीटी कपास नियामकीय चुनौती हैं।
भारतीय कपास क्षेत्र: महत्त्व और चुनौतियाँ
कपास भारत के वस्त्र उद्योग का प्रमुख आधार है। कम प्रति-हेक्टेयर उत्पादकता, वर्षा-निर्भर खेती, जलवायु अस्थिरता और कीट प्रतिरोधकता इसकी चुनौतियाँ हैं। आगे उच्च घनत्व रोपण प्रणाली, बेहतर बीज, ड्रिप सिंचाई, ट्रेसेबिलिटी और पीएम-मित्र वस्त्र पार्कों के माध्यम से मूल्य संवर्धन महत्वपूर्ण हैं।
अभ्यास प्रश्न
प्रारंभिक: (1) कपास के लिए लगभग 210 पाला-मुक्त दिन उपयोगी हैं; (2) ‘कस्तूरी कॉटन भारत’ ब्लॉकचेन आधारित ट्रेसेबिलिटी से जुड़ा है; (3) भारत में बीटी और शाकनाशी-सहिष्णु बीटी, दोनों को आधिकारिक व्यावसायिक मंजूरी है। सही उत्तर: केवल 1 और 2।
मुख्य: भारतीय कपास क्षेत्र की उत्पादकता, कीट प्रतिरोधकता और वैश्विक मूल्य अस्थिरता की चुनौतियों के समाधान सुझाइए।
त्वरित पुनरावृत्ति
- विश्व कपास दिवस → 7 अक्टूबर
- पहल → कॉटन-4
- कस्तूरी कॉटन भारत → प्रीमियम भारतीय कपास ब्रांड
- ट्रेसेबिलिटी → क्यूआर कोड + ब्लॉकचेन