मॉड्यूल 5: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष एवं रक्षा
2023–2024 के महत्वपूर्ण आधार तथ्यों को सुरक्षित रखते हुए 2025 से 5 अक्टूबर 2026 तक के अंतरिक्ष मिशन, रक्षा प्रणालियाँ, युद्धाभ्यास, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सुपरकंप्यूटिंग और क्वांटम प्रौद्योगिकी के नवीनतम परीक्षा-प्रासंगिक बदलाव जोड़े गए हैं।
5 अक्टूबर 2026 के अति-महत्वपूर्ण अद्यतन
- चंद्रयान-4: नमूना-वापसी मिशन की वर्तमान नियोजित समयरेखा 2027 है; लक्ष्य चंद्र दक्षिण ध्रुवीय क्षेत्र से नमूना लेकर पृथ्वी पर वापस लाना है।
- स्पेस डॉकिंग एक्सपेरिमेंट (Space Docking Experiment—SpaDeX): 16 जनवरी 2025 को सफल डॉकिंग और 13 मार्च 2025 को सफल अनडॉकिंग के साथ भारत अंतरिक्ष डॉकिंग तकनीक प्रदर्शित करने वाला चौथा देश बना।
- एक्सिओम-4: ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला 25 जून 2025 को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए रवाना हुए और 15 जुलाई को लौटे; वे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन जाने वाले पहले भारतीय और अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय बने।
- गगनयान: व्योममित्र सहित पहला मानव-रहित प्रयोगात्मक मिशन 2026 की चौथी तिमाही के लिए लक्षित है; पहली मानवयुक्त उड़ान 2027 के लिए लक्षित है।
- निसार: नासा–इसरो सिंथेटिक अपर्चर रडार (NASA–ISRO Synthetic Aperture Radar—NISAR) 30 जुलाई 2025 को प्रक्षेपित हुआ; नवंबर 2025 से विज्ञान चरण में है और जुलाई 2026 से S-बैंड डेटा उत्पाद सार्वजनिक किए जा रहे हैं।
- कुशा: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (Defence Research and Development Organisation—DRDO) ने 23 जुलाई 2026 को स्वदेशी लंबी दूरी की सतह-से-वायु मिसाइल ‘कुशा’ का पहला सफल उड़ान परीक्षण किया।
- रक्षा उत्पादन: वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा उत्पादन रिकॉर्ड ₹1.78 लाख करोड़ और रक्षा निर्यात रिकॉर्ड ₹38,424 करोड़ रहा।
- इंडिया कृत्रिम बुद्धिमत्ता मिशन: जून 2026 तक साझा राष्ट्रीय कंप्यूट क्षमता 45,000 से अधिक GPU तक पहुँच गई।
- राष्ट्रीय क्वांटम मिशन: अप्रैल 2026 में स्वदेशी प्रौद्योगिकी से 1,000 किमी सुरक्षित क्वांटम संचार का प्रदर्शन किया गया।
इस मॉड्यूल में क्या पढ़ना है?
1. चंद्रयान-3 एवं चंद्रयान-4
चंद्रयान-3 — आधार तथ्य
- प्रक्षेपण: 14 जुलाई 2023, एलवीएम3-एम4 (Launch Vehicle Mark-3—LVM3) से, सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा।
- सॉफ्ट लैंडिंग: 23 अगस्त 2023; चंद्र दक्षिण ध्रुवीय क्षेत्र में उतरने वाला भारत पहला देश बना और चंद्रमा पर सफल सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला चौथा देश।
- लैंडर: विक्रम; रोवर: प्रज्ञान; लैंडिंग स्थल: शिव शक्ति बिंदु।
- 23 अगस्त को प्रतिवर्ष राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाया जाता है।
चंद्रयान-4 — नमूना वापसी मिशन
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सितंबर 2024 में ₹2,104 करोड़ के अनुमोदित परिव्यय के साथ चंद्रयान-4 को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य चंद्र दक्षिण ध्रुवीय क्षेत्र में उतरना, रोबोटिक प्रणाली से नमूना एकत्र करना, चंद्र सतह से आरोहण कर कक्षा में डॉकिंग करना और नमूना पृथ्वी पर वापस लाना है।
अद्यतन: प्रारंभिक दस्तावेजों में 2028 का लक्ष्य मिलता था, लेकिन नवीनतम सरकारी समयरेखा के अनुसार मिशन 2027 के लिए नियोजित है। लक्षित क्षेत्र लगभग 84°–86° दक्षिण अक्षांश है।
2. आदित्य-L1, XPoSat एवं NISAR
आदित्य-L1
- भारत का प्रथम समर्पित सौर मिशन; प्रक्षेपण 2 सितंबर 2023।
- 6 जनवरी 2024 को सूर्य–पृथ्वी लैग्रेंज बिंदु-1 (L1) के चारों ओर हेलो कक्षा में स्थापित।
- सौर कोरोना, क्रोमोस्फीयर, सौर पवन, कोरोनल मास इजेक्शन और अंतरिक्ष मौसम का अध्ययन।
- जुलाई 2026 तक सार्वजनिक वैज्ञानिक डेटा 30 टेराबाइट से अधिक हो चुका था।
एक्स-रे पोलारिमीटर उपग्रह (X-ray Polarimeter Satellite—XPoSat)
1 जनवरी 2024 को पीएसएलवी-सी58 से प्रक्षेपित; ब्लैक होल और न्यूट्रॉन तारों जैसे उच्च-ऊर्जा स्रोतों के एक्स-रे ध्रुवीकरण के अध्ययन हेतु भारत का महत्वपूर्ण अंतरिक्ष खगोल विज्ञान मिशन।
नासा–इसरो सिंथेटिक अपर्चर रडार (NISAR)
- प्रक्षेपण: 30 जुलाई 2025, जीएसएलवी-एफ16 से।
- नासा का L-बैंड और इसरो का S-बैंड रडार; 12 मीटर परावर्तक एंटीना।
- भूमि विकृति, हिम, वनस्पति, जल संसाधन, आपदा और तटीय परिवर्तनों के अध्ययन के लिए लगभग 12-दिवसीय पुनरावृत्ति।
- नवंबर 2025 में विज्ञान चरण शुरू; जुलाई 2026 से S-बैंड डेटा उत्पाद ‘भूनिधि’ मंच पर जारी।
3. गगनयान, एक्सिओम-4 एवं भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन
गगनयान
- उद्देश्य: भारतीय प्रक्षेपण यान से मानव को निम्न पृथ्वी कक्षा में भेजना और सुरक्षित वापस लाना।
- नामित अंतरिक्ष यात्री: प्रशांत बालकृष्णन नायर, अंगद प्रताप, अजीत कृष्णन और शुभांशु शुक्ला।
- टीवी-डी1 परीक्षण 2023 में सफल; 2026 तक आईएडीटी-01 और आईएडीटी-02, मुख्य पैराशूट परीक्षण तथा अनेक क्रू मॉड्यूल योग्यता परीक्षण पूरे।
- पहला मानव-रहित प्रयोगात्मक मिशन, जिसमें व्योममित्र अर्ध-मानवाकार रोबोट शामिल होगा, 2026 की चौथी तिमाही के लिए लक्षित है।
- इसके बाद 2027 में दो अतिरिक्त मानव-रहित मिशन और पहला मानवयुक्त मिशन लक्षित है।
एक्सिओम-4 — शुभांशु शुक्ला
- प्रक्षेपण: 25 जून 2025, स्पेसएक्स फाल्कन-9/ड्रैगन।
- आईएसएस पर 18-दिवसीय वैज्ञानिक मिशन; 7 भारतीय सूक्ष्म-गुरुत्व प्रयोग पूरे।
- वापसी: 15 जुलाई 2025।
- राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन जाने वाले पहले भारतीय।
भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन
भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (Bharatiya Antariksh Station—BAS) पाँच मॉड्यूल वाला प्रस्तावित स्वदेशी अंतरिक्ष स्टेशन है। पहला मॉड्यूल BAS-01 वर्ष 2028 तक और पूर्ण स्टेशन 2035 तक स्थापित करने का लक्ष्य है। 2040 तक भारतीय अंतरिक्ष यात्री को चंद्रमा पर उतारने का राष्ट्रीय लक्ष्य भी निर्धारित है।
4. स्पेस डॉकिंग एक्सपेरिमेंट (SpaDeX)
- प्रक्षेपण: 30 दिसंबर 2024, पीएसएलवी-सी60 से दो छोटे उपग्रह SDX-01 और SDX-02।
- सफल डॉकिंग: 16 जनवरी 2025।
- सफल अनडॉकिंग: 13 मार्च 2025।
- भारत अमेरिका, रूस और चीन के बाद अंतरिक्ष डॉकिंग तकनीक प्रदर्शित करने वाला चौथा देश बना।
- यह तकनीक चंद्रयान-4 के कक्षीय डॉकिंग, भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन, चालक दल स्थानांतरण और भविष्य के जटिल मिशनों के लिए आवश्यक है।
2026 अद्यतन: स्पेडेक्स-2 में अत्यधिक दीर्घवृत्ताकार कक्षा में डॉकिंग/नमूना स्थानांतरण और स्पेडेक्स-3 में दबावयुक्त मॉड्यूलों के बीच भारतीय डॉकिंग प्रणाली के परीक्षण का अध्ययन किया जा रहा है।
5. मिसाइल एवं वायु रक्षा प्रणालियाँ
| प्रणाली | मूल तथ्य | नवीनतम स्थिति |
|---|---|---|
| अग्नि-5 — मिशन दिव्यास्त्र | 11 मार्च 2024 को मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल री-एंट्री व्हीकल (Multiple Independently Targetable Re-entry Vehicle—MIRV) तकनीक के साथ सफल परीक्षण। | भारत की लंबी दूरी की सामरिक मिसाइल क्षमता में प्रमुख उपलब्धि; 5,000 किमी से अधिक श्रेणी। |
| प्रलय | स्वदेशी ठोस-ईंधन अर्ध-बैलिस्टिक सतह-से-सतह मिसाइल। | 28–29 जुलाई 2025 को न्यूनतम और अधिकतम रेंज सत्यापन हेतु लगातार सफल उड़ान परीक्षण; 31 दिसंबर 2025 को दो मिसाइलों का त्वरित सल्वो परीक्षण। |
| ब्रह्मोस | भारत–रूस संयुक्त सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल; फिलीपींस को निर्यात महत्वपूर्ण मील का पत्थर। | भारत के बढ़ते रक्षा निर्यात का प्रमुख उदाहरण; मूल $375 मिलियन फिलीपींस अनुबंध परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण। |
| कुशा | स्वदेशी लंबी दूरी की सतह-से-वायु रक्षा प्रणाली। | 23 जुलाई 2026 को DRDO ने इसका पहला सफल उड़ान परीक्षण किया और उच्च गति/ऊँचाई वाले इलेक्ट्रॉनिक लक्ष्य को अवरोधित किया। |
| समर | भारतीय वायु सेना की सतह-से-वायु प्रणाली, जिसमें पुराने हवा-से-हवा मिसाइलों का पुनःप्रयोग किया गया। | कम लागत वाली त्वरित वायु रक्षा क्षमता का उदाहरण। |
7. प्रमुख द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय सैन्य युद्धाभ्यास
2024 के आधार तथ्य
- तरंग शक्ति 2024: भारतीय वायु सेना का पहला बड़ा बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास; सुलूर और जोधपुर।
- मालाबार 2024: भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया; विशाखापट्टनम क्षेत्र।
- मिलन 2024: विशाखापट्टनम में बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यास।
- सदा तनसीक: भारत–सऊदी अरब संयुक्त सैन्य अभ्यास।
- युद्ध अभ्यास: भारत–अमेरिका; वज्र प्रहार: भारत–अमेरिका विशेष बल।
- धर्म गार्जियन: भारत–जापान; काजिंद: भारत–कजाकिस्तान; दस्तलिक: भारत–उज्बेकिस्तान।
2026 के नवीनतम महत्वपूर्ण संस्करण
| युद्धाभ्यास | देश/सेना | 2026 की स्थिति |
|---|---|---|
| धर्म गार्जियन 2026 | भारत–जापान थल सेना | 24 फरवरी–9 मार्च; चौबटिया, उत्तराखंड; 7वाँ संस्करण। |
| वज्र प्रहार 2026 | भारत–अमेरिका विशेष बल | 24 फरवरी–16 मार्च; बकलोह, हिमाचल प्रदेश; 16वाँ संस्करण। |
| वीर गार्जियन 2026 | भारतीय वायु सेना–जापान वायु आत्मरक्षा बल | 9–22 सितंबर; जोधपुर; भारत ने तेजस, सुखोई-30 एमकेआई और राफेल, जापान ने F-2A तैनात किए। |
| युद्ध अभ्यास 2026 | भारत–अमेरिका थल सेना | 15 सितंबर से 22वाँ संस्करण; औली और महाजन; दोनों पक्षों से 600-600 सैनिक। |
| तरंग शक्ति 2026 | बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास | 26 सितंबर–12 अक्टूबर; जोधपुर; थीम “Power in Partnership”; ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका और बांग्लादेश सहभागी। |
8. कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं सुपरकंप्यूटिंग
इंडिया कृत्रिम बुद्धिमत्ता मिशन
- केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मार्च 2024 में लगभग ₹10,372 करोड़ के परिव्यय से स्वीकृत।
- मिशन के सात प्रमुख स्तंभ: इंडियाAI कंप्यूट, फाउंडेशन मॉडल, AIकोश, अनुप्रयोग विकास, फ्यूचरस्किल्स, स्टार्टअप वित्तपोषण तथा सुरक्षित एवं विश्वसनीय AI।
- जून 2026 तक साझा कंप्यूट क्षमता 45,000 से अधिक ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (Graphics Processing Units—GPU) तक पहुँची।
- अगस्त 2026 तक 237 परियोजनाएँ रियायती AI कंप्यूट का उपयोग कर चुकी थीं।
- 2026 में 20 स्वदेशी फाउंडेशन मॉडल प्रस्ताव चयनित—12 बड़े बहु-माध्यम मॉडल और 8 छोटे भाषा मॉडल।
भारतजेन
भारतजेन (BharatGen) भारतीय भाषाओं और भारतीय संदर्भ के लिए स्वदेशी बहुभाषी जनरेटिव कृत्रिम बुद्धिमत्ता पहल है। फरवरी 2026 में 22 अनुसूचित भाषाओं के पाठ मॉडल और अनेक भाषाओं में वाणी/दृश्य क्षमताओं के विकास की प्रगति सरकारी स्तर पर बताई गई।
राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन
- ऐरावत: सी-डैक द्वारा विकसित AI-केंद्रित उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग प्रणाली; भारत की महत्वपूर्ण स्वदेशी AI सुपरकंप्यूटिंग क्षमता।
- परम रुद्र: सितंबर 2024 में पुणे, दिल्ली और कोलकाता में तीन उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग प्रणालियाँ स्थापित।
9. राष्ट्रीय क्वांटम मिशन
- स्वीकृति: 19 अप्रैल 2023; कुल परिव्यय ₹6,003.65 करोड़; अवधि 8 वर्ष।
- चार विषयगत केंद्र: क्वांटम कंप्यूटिंग—भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु; क्वांटम संचार—भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास/सी-डॉट; क्वांटम संवेदन एवं मेट्रोलॉजी—भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे; क्वांटम पदार्थ एवं उपकरण—भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली।
- लक्ष्य: 8 वर्षों में 50–1000 भौतिक क्यूबिट क्षमता और लगभग 2,000 किमी सुरक्षित क्वांटम संचार नेटवर्क।
- अप्रैल 2026: स्वदेशी तकनीक से 1,000 किमी क्वांटम की वितरण (Quantum Key Distribution—QKD) सुरक्षित संचार प्रदर्शन।
- 2025-26 में क्वांटम चिप, संवेदक और उपकरणों के लिए भारतीय विज्ञान संस्थान, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे, कानपुर और दिल्ली में निर्माण/केंद्रीय सुविधाएँ स्थापित या विकसित की जा रही हैं।
10. BPSC में पूछे गए महत्वपूर्ण विज्ञान एवं रक्षा प्रश्न
उत्तर: विक्रम और प्रज्ञान।
उत्तर: विक्रम-एस, स्काईरूट एयरोस्पेस।
उत्तर: स्वदेशी विमानवाहक पोत।
उत्तर: फ्रांस।
उत्तर: आर्यभट्ट, 19 अप्रैल 1975।
उत्तर: रूस।
उत्तर: श्रीहरिकोटा, आंध्र प्रदेश।
उत्तर: आकाश।
उत्तर: मंगलयान/मार्स ऑर्बिटर मिशन।
उत्तर: आईएनएस अरिहंत।
11. परीक्षा अभ्यास
उत्तर: 2027।
उत्तर: ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला।
उत्तर: चौथा।
उत्तर: L-बैंड और S-बैंड।
उत्तर: 23 जुलाई 2026।
उत्तर: ₹38,424 करोड़।
उत्तर: 45,000 से अधिक।
उत्तर: 1,000 किमी।
अद्यतन: 5 अक्टूबर 2026