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14–22 सितंबर 2026: रिपोर्ट–सूचकांक–संस्था को जोड़कर पढ़ें

यहाँ फोकस केवल चार चीज़ों पर है—कौन जारी करता है?, क्या मापता है?, मुख्य घटक/आधार वर्ष क्या है? और प्रारंभिक परीक्षा में कहाँ भ्रम हो सकता है?

01
ई-मोबिलिटी सूचकांकअत्यंत उच्च प्राथमिकता

इंडिया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स (IEMI) 2025

क्यों चर्चा में?

नीति आयोग ने इंडिया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स 2025 का दूसरा संस्करण जारी किया, जो राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की ई-मोबिलिटी प्रगति का तुलनात्मक आकलन करता है।

रिपोर्ट–संस्था संबंध

सूचकांक नीति आयोग ने विश्व संसाधन संस्थान भारत (WRI India) के सहयोग से विकसित किया है। यह सभी 28 राज्यों और 8 केंद्रशासित प्रदेशों को तीन प्रमुख विषयों पर आँकता है।

प्रारंभिक परीक्षा में याद रखें
  • जारीकर्ता: नीति आयोग; सहयोगी: WRI India।
  • यह IEMI का दूसरा संस्करण है।
  • 3 मुख्य विषय: परिवहन विद्युतीकरण प्रगति, चार्जिंग अवसंरचना तैयारी, ईवी अनुसंधान एवं नवाचार।
  • भार: क्रमशः 50%, 30% और 20%।
  • कुल 16 संकेतकों का उपयोग।
  • बड़े राज्यों में महाराष्ट्र 78 अंकों के साथ प्रथम और कर्नाटक 73 के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
  • प्रदर्शन श्रेणियाँ: शीर्ष प्रदर्शनकर्ता, अग्रणी, उभरते प्रदर्शनकर्ता और आकांक्षी।
ट्रैप: IEMI को केंद्र सरकार की EV सब्सिडी योजना न मानें; यह राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के प्रदर्शन का समग्र सूचकांक है।
स्रोत: नीति आयोग, India Electric Mobility Index 2025; 16 सितंबर 2026.
02
व्यापार रिपोर्टउच्च प्राथमिकता

ट्रेड वॉच क्वार्टरली: अप्रैल–जून 2026

क्यों चर्चा में?

नीति आयोग ने ट्रेड वॉच क्वार्टरली का नौवाँ संस्करण जारी किया, जिसमें वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के भारतीय और वैश्विक व्यापार रुझानों का विश्लेषण है।

रिपोर्ट–संस्था संबंध

यह नीति आयोग की अर्थ एवं वित्त प्रभाग से जुड़ी त्रैमासिक रिपोर्ट है। नवीन संस्करण का विषयगत विश्लेषण धातु और अयस्क व्यापार पर केंद्रित है।

प्रारंभिक परीक्षा में याद रखें
  • जारीकर्ता: नीति आयोग।
  • संस्करण: 9वाँ।
  • अवधि: अप्रैल–जून 2026, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही।
  • भारत का कुल वस्तु एवं सेवा व्यापार: लगभग 506.9 अरब डॉलर।
  • वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि: 15.5%।
  • वस्तु व्यापार घाटा और सेवा व्यापार अधिशेष अलग-अलग विश्लेषित किए जाते हैं।
ट्रैप: “ट्रेड वॉच” को वाणिज्य मंत्रालय की रिपोर्ट मान लेना गलत हो सकता है; वर्तमान संस्करण नीति आयोग जारी करता है।
स्रोत: नीति आयोग, ट्रेड वॉच क्वार्टरली (Trade Watch Quarterly), Q1 FY27.
03
श्रम बाजार सर्वेक्षणअत्यंत उच्च प्राथमिकता

आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) मासिक बुलेटिन — अगस्त 2026

क्यों चर्चा में?

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने अगस्त 2026 का PLFS मासिक बुलेटिन जारी किया। कुल श्रम बल भागीदारी दर 55.6%, कार्यकर्ता जनसंख्या अनुपात 52.8% और बेरोज़गारी दर 5.0% रही।

रिपोर्ट–संस्था संबंध

PLFS भारत में रोजगार, बेरोज़गारी और श्रम भागीदारी के आधिकारिक प्रमुख स्रोतों में से एक है। इसे राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO), सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (MoSPI) संचालित करता है।

प्रारंभिक परीक्षा में याद रखें
  • जारीकर्ता: NSO, MoSPI।
  • मासिक बुलेटिन में वर्तमान साप्ताहिक स्थिति (Current Weekly Status) पद्धति पर प्रमुख संकेतक दिए जाते हैं।
  • LFPR = श्रम बल में शामिल जनसंख्या का अनुपात।
  • WPR = कार्यरत व्यक्तियों का कुल जनसंख्या में अनुपात।
  • UR = श्रम बल में बेरोज़गार व्यक्तियों का अनुपात।
  • अगस्त 2026 कुल UR: 5.0%; ग्रामीण UR: 4.1%।
ट्रैप: बेरोज़गारी दर का हर बार कुल जनसंख्या से भाग नहीं दिया जाता; यह श्रम बल के संदर्भ में मापी जाती है।
स्रोत: MoSPI/NSO, PLFS Monthly Bulletin August 2026.
04
जिला-स्तरीय श्रम आँकड़ेउच्च प्राथमिकता

चयनित जिलों का श्रम बाजार स्नैपशॉट

क्यों चर्चा में?

NSO ने पहली बार जिला-स्तर पर प्रमुख श्रम बाजार संकेतकों का स्नैपशॉट जारी किया।

रिपोर्ट–संस्था संबंध

यह PLFS से प्राप्त जिला-स्तरीय अनुमानों का विस्तार है और रोजगार/बेरोज़गारी की भौगोलिक विषमता को समझने में उपयोगी है।

प्रारंभिक परीक्षा में याद रखें
  • जारीकर्ता: राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO), MoSPI।
  • 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लिए LFPR, WPR और UR जैसे संकेतक दिए गए।
  • 100 सर्वाधिक जनसंख्या वाले जिलों में Surat ने LFPR और WPR में सबसे ऊँचा स्तर दर्ज किया।
  • Araria भी LFPR/WPR में शीर्ष जिलों में रहा।
  • 15–29 आयु समूह के लिए नीट (NEET) का अर्थ: न रोजगार में, न शिक्षा में, न प्रशिक्षण में।
  • 75% से अधिक जिलों में युवा नीट (NEET) दर 30% से कम दर्ज हुई।
ट्रैप: नीट (NEET) को बेरोज़गारी दर का पर्याय न मानें; यह रोजगार, शिक्षा और प्रशिक्षण—तीनों से बाहर युवाओं को मापता है।
स्रोत: MoSPI/NSO, Labour Market Snapshot of Selected Districts, 18 सितंबर 2026.
05
मूल्य सूचकांकअत्यंत उच्च प्राथमिकता

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) — अगस्त 2026

क्यों चर्चा में?

नई 2024=100 आधार-वर्ष श्रृंखला पर अगस्त 2026 का CPI जारी हुआ।

सूचकांक–संस्था संबंध

CPI खुदरा उपभोक्ता स्तर पर वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में परिवर्तन मापता है और इसे राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, MoSPI जारी करता है।

प्रारंभिक परीक्षा में याद रखें
  • जारीकर्ता: NSO, MoSPI।
  • नई आधार-वर्ष श्रृंखला: 2024=100।
  • अगस्त 2026 खुदरा मुद्रास्फीति: 4.82%।
  • ग्रामीण: 5.23%; शहरी: 4.31%।
  • खाद्य मुद्रास्फीति: 5.95%।
  • CPI मौद्रिक नीति में मुद्रास्फीति लक्ष्य के संदर्भ में महत्त्वपूर्ण सूचक है।
ट्रैप: CPI और WPI का जारीकर्ता एक नहीं है और दोनों का आधार वर्ष भी वर्तमान में अलग है।
स्रोत: MoSPI, CPI August 2026.
06
थोक मूल्य सूचकांकअत्यंत उच्च प्राथमिकता

थोक मूल्य सूचकांक (WPI) — अगस्त 2026

क्यों चर्चा में?

अगस्त 2026 में WPI आधारित वार्षिक मुद्रास्फीति 9.92% रही।

सूचकांक–संस्था संबंध

WPI का संकलन आर्थिक सलाहकार कार्यालय, उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय करता है।

प्रारंभिक परीक्षा में याद रखें
  • जारीकर्ता: आर्थिक सलाहकार कार्यालय, DPIIT।
  • नई आधार-वर्ष श्रृंखला: 2022-23।
  • अगस्त 2026 WPI मुद्रास्फीति: 9.92%।
  • प्रमुख समूह: प्राथमिक वस्तुएँ, ईंधन एवं शक्ति, विनिर्मित उत्पाद।
  • WPI के साथ आउटपुट PPI और परीक्षण इनपुट PPI भी नई व्यवस्था में जारी किए जा रहे हैं।
ट्रैप: WPI को RBI जारी नहीं करता; RBI इसका उपयोग कर सकता है, लेकिन संकलन DPIIT के आर्थिक सलाहकार कार्यालय द्वारा होता है।
स्रोत: DPIIT/OEA, WPI August 2026.
07
औद्योगिक सूचकांकअत्यंत उच्च प्राथमिकता

कोर उद्योग सूचकांक (ICI) — अगस्त 2026

क्यों चर्चा में?

अगस्त 2026 में कोर उद्योग सूचकांक 4.8% बढ़ा। नई श्रृंखला में लौह अयस्क जुड़ने से कोर उद्योगों की संख्या 9 हो गई है।

सूचकांक–संस्था संबंध

यह सूचकांक अर्थव्यवस्था के आधारभूत औद्योगिक क्षेत्रों के उत्पादन प्रदर्शन को मापता है और आर्थिक सलाहकार कार्यालय, DPIIT द्वारा जारी किया जाता है।

प्रारंभिक परीक्षा में याद रखें
  • आधार वर्ष: 2022-23।
  • अब 9 उद्योग: कोयला, प्राकृतिक गैस, कच्चा तेल, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट, बिजली और लौह अयस्क।
  • नई जोड़ी गई श्रेणी: लौह अयस्क।
  • सबसे अधिक भार: बिजली — 30.932%।
  • दूसरा बड़ा भार: रिफाइनरी उत्पाद — 22.572%।
  • अगस्त 2026 वृद्धि: 4.8%।
ट्रैप: पुराने स्रोतों का “8 कोर उद्योग (Core Industries)” तथ्य 2026 की नई श्रृंखला के बाद अद्यतन हो चुका है।
स्रोत: DPIIT/OEA, कोर उद्योग सूचकांक (Index of Core Industries), अगस्त 2026.
08
राष्ट्रीय लेखाअत्यंत उच्च प्राथमिकता

“राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी: स्रोत एवं पद्धतियाँ”

क्यों चर्चा में?

MoSPI ने नई राष्ट्रीय लेखा श्रृंखला के संकलन की अवधारणाएँ, डेटा स्रोत और पद्धतियाँ समझाने वाला विस्तृत प्रकाशन जारी किया।

रिपोर्ट–संस्था संबंध

नई राष्ट्रीय लेखा श्रृंखला का आधार वर्ष 2022-23 है और यह 2011-12 आधार वाली पुरानी श्रृंखला का स्थान लेती है। यह भारत के राष्ट्रीय लेखों का आठवाँ आधार-वर्ष संशोधन है।

प्रारंभिक परीक्षा में याद रखें
  • जारीकर्ता: MoSPI।
  • राष्ट्रीय लेखा नई श्रृंखला: आधार वर्ष 2022-23।
  • नई श्रृंखला फरवरी 2026 में जारी हुई।
  • अगस्त 2026 में PPI और IIP की नई श्रृंखला के अनुरूप इसे अद्यतन किया गया।
  • रिपोर्ट में कॉरपोरेट, वित्तीय, सरकारी और घरेलू क्षेत्रों के आकलन की पद्धतियों का विवरण है।
  • यह भारत का 8वाँ राष्ट्रीय लेखा आधार-वर्ष संशोधन है।
ट्रैप: GDP/National Accounts का आधार वर्ष 2022-23 है, जबकि CPI का आधार 2024=100 है।
स्रोत: MoSPI, राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी के संकलन के स्रोत एवं पद्धतियाँ (Sources and Methods for Compilation of National Accounts Statistics), 21 सितंबर 2026.
09
बाजार संस्था • SEBIउच्च प्राथमिकता

SEBI: बाजार अवसंरचना संस्थानों की व्यवसाय निरंतरता

क्यों चर्चा में?

SEBI ने बाजार अवसंरचना संस्थानों की व्यवसाय निरंतरता योजना और आपदा पुनर्प्राप्ति व्यवस्था को मजबूत करने पर परामर्श पत्र जारी किया।

संस्था संबंध

SEBI भारत के प्रतिभूति बाजार का वैधानिक नियामक है। बाजार अवसंरचना संस्थान (MIIs) पूंजी बाजार के मूल परिचालन संस्थान हैं।

प्रारंभिक परीक्षा में याद रखें
  • SEBI का वैधानिक आधार: SEBI अधिनियम, 1992।
  • MII में प्रमुखतः स्टॉक एक्सचेंज, समाशोधन निगम और डिपॉजिटरी शामिल हैं।
  • व्यवसाय निरंतरता योजना का उद्देश्य संकट के दौरान आवश्यक बाजार सेवाएँ जारी रखना है।
  • आपदा पुनर्प्राप्ति स्थल मुख्य प्रणाली विफल होने पर वैकल्पिक संचालन क्षमता देता है।
  • 15 सितंबर 2026 का दस्तावेज परामर्श पत्र है, अंतिम बाध्यकारी विनियमन नहीं।
ट्रैप: SEBI का परामर्श पत्र अंतिम नियम के बराबर नहीं होता; वह सुझाव/प्रतिक्रिया के लिए प्रारंभिक नियामक चरण है।
स्रोत: SEBI, 15 सितंबर 2026 परामर्श पत्र.
10
राष्ट्रीय महत्त्व का संस्थानउच्च प्राथमिकता

भारतीय विश्व मामलों की परिषद (ICWA)

क्यों चर्चा में?

ICWA ने राष्ट्रीय महत्त्व के संस्थान के रूप में 25 वर्ष पूरे किए और सप्रू हाउस, नई दिल्ली में रजत जयंती समारोह आयोजित हुआ।

संस्था संबंध

ICWA की स्थापना 1943 में विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर अध्ययन तथा विमर्श के लिए हुई थी। संसद के 2001 के अधिनियम ने इसे राष्ट्रीय महत्त्व का संस्थान घोषित किया।

प्रारंभिक परीक्षा में याद रखें
  • स्थापना: 1943।
  • मुख्यालय: सप्रू हाउस, नई दिल्ली।
  • कानूनी आधार: भारतीय विश्व मामलों की परिषद अधिनियम, 2001 (Indian Council of World Affairs Act, 2001)।
  • संबंधित मंत्रालय: विदेश मंत्रालय।
  • भारत के उपराष्ट्रपति ICWA के पदेन अध्यक्ष होते हैं।
  • विदेश मंत्री परिषद के पदेन उपाध्यक्ष होते हैं।
ट्रैप: ICWA संवैधानिक निकाय नहीं; इसका राष्ट्रीय महत्त्व का वैधानिक दर्जा संसद के 2001 के अधिनियम से आता है।
स्रोत: उपराष्ट्रपति सचिवालय; ICWA; 15 सितंबर 2026.
45 सेकंड पुनरावृत्ति

इस सप्ताह के सबसे संभावित रिपोर्ट–संस्था ट्रैप

IEMI — नीति आयोग + WRI India • 50:30:20 तीन विषय

Trade Watch — नीति आयोग • त्रैमासिक व्यापार विश्लेषण

PLFS — NSO/MoSPI • LFPR/WPR/UR

NEET — रोजगार + शिक्षा + प्रशिक्षण—तीनों से बाहर

CPI — NSO/MoSPI • आधार 2024=100

WPI — DPIIT/OEA • आधार 2022-23

Core Industries — अब 9 • लौह अयस्क नया

National Accounts — आधार 2022-23 • 8वाँ संशोधन

SEBI–MII — परामर्श पत्र ≠ अंतिम नियम

ICWA — 2001 अधिनियम • उपराष्ट्रपति पदेन अध्यक्ष