1.5.5.3 द्वीप श्रंखला
जब किसी विवर्तनिक प्लेट के नीचे स्थित अपेक्षाकृत स्थिर या धीमे स्थानांतरित उष्ण बिंदु के ऊपर से प्लेट लगातार गुजरती है, तो क्रमिक ज्वालामुखीय द्वीप और समुद्री पर्वत बन सकते हैं। ऐसी आयु-क्रम वाली रेखीय व्यवस्था को ज्वालामुखीय द्वीप शृंखला (Volcanic Island Chain) कहा जाता है।
यह अवधारणा प्लेट गति के इतिहास को समझने में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
निर्माण की मूल प्रक्रिया
- उष्ण बिंदु के ऊपर मैग्मा उठता है।
- समुद्रतल पर ज्वालामुखी बनता है।
- बार-बार विस्फोट से वह समुद्र सतह के ऊपर द्वीप बन सकता है।
- प्लेट आगे खिसकती है।
- पुराना ज्वालामुखी उष्ण स्रोत से दूर जाकर निष्क्रिय होता है।
- उष्ण बिंदु के ऊपर नया ज्वालामुखी बनता है।
इस तरह क्रमिक द्वीपों और समुद्री पर्वतों की शृंखला बनती है।
आयु-क्रम
आदर्श उष्ण बिंदु शृंखला में—
- वर्तमान सक्रिय उष्ण बिंदु के ऊपर सबसे युवा ज्वालामुखी,
- प्लेट गति की दिशा में दूर जाने पर क्रमशः पुराने ज्वालामुखी
मिलते हैं।
यह आयु-क्रम प्लेट की गति की दिशा और औसत गति का अनुमान लगाने में उपयोगी है।
हवाई द्वीप शृंखला
विश्व का सबसे प्रसिद्ध उदाहरण—
हवाई–सम्राट ज्वालामुखीय शृंखला।
वर्तमान सक्रिय हवाई द्वीप उष्ण बिंदु के निकट हैं।
उत्तर-पश्चिम की ओर द्वीप और समुद्री पर्वत क्रमशः पुराने होते जाते हैं।
प्रमुख हवाई द्वीप
- हवाई द्वीप,
- माउई,
- ओआहू,
- काउआई।
हवाई द्वीप पर किलाउएआ और मौना लोआ प्रमुख सक्रिय ज्वालामुखी हैं।
समुद्री पर्वत
जब पुराना ज्वालामुखीय द्वीप उष्ण बिंदु से दूर जाता है—
- ज्वालामुखिता बंद होती है,
- स्थलमंडल ठंडी और नीचे बैठती है,
- अपरदन होता है।
द्वीप धीरे-धीरे समुद्र सतह के नीचे डूबकर समुद्री पर्वत (Seamount) बन सकता है।
यदि उसका शीर्ष अपरदन से सपाट हो और बाद में डूब जाए तो वह गयोट (Guyot) कहलाता है।
हवाई–सम्राट मोड़
हवाई–सम्राट शृंखला में लगभग 47 मिलियन वर्ष पुराने भाग के आसपास बड़ा मोड़ है।
पुरानी व्याख्या—
प्रशांत प्लेट की गति की दिशा अचानक बदली।
आधुनिक व्याख्या—
मोड़ में प्लेट गति के परिवर्तन के साथ उष्ण बिंदु की स्वयं की गति भी योगदान दे सकती है।
परीक्षा-सावधानी
उष्ण बिंदु को पूर्णतः स्थिर मानना केवल प्रथम-क्रम मॉडल है।
2026 — हवाई की दोहरी शृंखला
2026 के Nature Communications अध्ययन ने हवाई के युवा ज्वालामुखियों की दो लगभग समानांतर पट्टियों—
- लोआ प्रवृत्ति,
- केआ प्रवृत्ति
की व्याख्या गहरे प्लूम की रासायनिक और श्यानता विषमता से करने का प्रयास किया।
इससे पता चलता है कि एक उष्ण बिंदु हमेशा एक ही सरल रेखीय ज्वालामुखीय शृंखला नहीं बनाता।
रीयूनियन से जुड़ी हिंद महासागरीय शृंखला
भारतीय प्लेट के रीयूनियन प्लूम क्षेत्र के ऊपर से गुजरने के दौरान—
- दक्कन ज्वालामुखिता,
- लक्षद्वीप,
- मालदीव,
- चागोस,
- मसकारीन क्षेत्र
के बीच व्यापक भू-गतिशील संबंध प्रस्तावित किए जाते हैं।
लेकिन अलग-अलग ज्वालामुखीय खंडों की उत्पत्ति और समयक्रम जटिल है, इसलिए पूरी शृंखला को एक सरल सीधी हॉटस्पॉट रेखा मानना उचित नहीं।
द्वीप शृंखला और प्लेट गति
यदि दो क्रमिक ज्वालामुखीय केंद्रों की—
- आयु का अंतर,
- दूरी
ज्ञात हो तो औसत प्लेट गति का अनुमान लगाया जा सकता है।
सरल रूप—
औसत गति = दूरी ÷ आयु-अंतर
लेकिन उष्ण बिंदु स्वयं चलता हो तो सुधार आवश्यक है।
द्वीप चाप और उष्ण बिंदु द्वीप शृंखला में अंतर
यह बहुत महत्वपूर्ण परीक्षा-विभेद है।
उष्ण बिंदु द्वीप शृंखला
प्लेट के आंतरिक भाग में हो सकती है।
उदाहरण—हवाई।
आयु सामान्यतः एक दिशा में क्रमशः बढ़ती है।
ज्वालामुखीय द्वीप चाप
सबडक्शन अभिसारी सीमा पर बनता है।
उदाहरण—मारियाना, अंडमान।
यह उष्ण बिंदु शृंखला नहीं है।
परीक्षा-फँद
हवाई = उष्ण बिंदु द्वीप शृंखला।
अंडमान = सबडक्शन द्वीप चाप।
दोनों का निर्माण तंत्र अलग है।
प्रवाल एटोल से संबंध
उष्ण बिंदु ज्वालामुखीय द्वीप उष्णकटिबंधीय समुद्र में धीरे-धीरे धँस सकता है।
इसके चारों ओर प्रवाल भित्ति विकसित हो तो क्रमिक रूप से—
- तटीय प्रवाल भित्ति,
- अवरोधक प्रवाल भित्ति,
- एटोल
बनने का डार्विन मॉडल लागू हो सकता है।
इस प्रकार ज्वालामुखीय द्वीप का भूवैज्ञानिक जीवन प्रवाल भू-आकृति से भी जुड़ सकता है।
2026 का वैश्विक समुद्री पर्वत शोध
2026 के Nature Geoscience अध्ययन ने दिखाया कि समुद्री पर्वत ज्वालामुखिता की मात्रा गहरे मैंटल की विशाल निम्न-कतरनी-वेग संरचनाओं के ऊपर से गुजरी प्लेटों पर अधिक हो सकती है।
यह ज्वालामुखीय द्वीप और समुद्री पर्वत शृंखलाओं को गहरे पृथ्वी ढाँचे से जोड़ता है।
सत्यापित संघ लोक सेवा आयोग प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न
उष्ण बिंदु द्वीप शृंखला को सीधे पूछने वाला हालिया प्रत्यक्ष प्रारंभिक प्रश्न सत्यापित नहीं मिला।
सत्यापित संघ लोक सेवा आयोग मुख्य परीक्षा प्रश्न
सामान्य अध्ययन-I, 2014
इंडोनेशियाई और फिलीपीनी द्वीपसमूह में हजारों द्वीपों के निर्माण पर प्रश्न पूछा गया था।
यह मुख्यतः सबडक्शन द्वीप चापों से संबंधित था, न कि हवाई-प्रकार उष्ण बिंदु शृंखला से।
इसे दोनों प्रणालियों में अंतर समझने के लिए उपयोगी संबंधित PYQ के रूप में देखें।
सामान्य अध्ययन-I, 2018
मैंटल प्लूम और प्लेट विवर्तनिकी वाला प्रश्न उष्ण बिंदु द्वीप शृंखला की अवधारणा से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा है।
सत्यापित बिहार लोक सेवा आयोग प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न
प्रत्यक्ष सत्यापित प्रश्न नहीं मिला।
सत्यापित बिहार लोक सेवा आयोग मुख्य परीक्षा प्रश्न
प्रत्यक्ष सत्यापित प्रश्न नहीं मिला।
प्रारंभिक परीक्षा के अंतिम तथ्य
हवाई = उष्ण बिंदु द्वीप शृंखला।
मारियाना/अंडमान = सबडक्शन द्वीप चाप।
उष्ण बिंदु के निकट सबसे युवा ज्वालामुखी।
दूर जाने पर आयु बढ़ती है।
गयोट = सपाट शीर्ष वाला डूबा ज्वालामुखीय समुद्री पर्वत।
हवाई–सम्राट मोड़ प्लेट और प्लूम गति दोनों से प्रभावित हो सकता है।
निष्कर्ष
ज्वालामुखीय द्वीप शृंखलाएँ प्लेट गति और गहरे मैंटल ज्वालामुखिता का दीर्घकालीन भू-अभिलेख हैं। आयु-क्रम, दिशा और भू-रसायन से प्लेटों की पुरानी गति और प्लूम की संरचना का पुनर्निर्माण किया जा सकता है।