अर्थव्यवस्था • अध्याय 10

अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संस्थान, वैश्विक अर्थशास्त्र एवं बहुपक्षीय मंच

IMF, विश्व बैंक समूह, WTO, कृषि समझौता, SDR, बहुपक्षीय विकास बैंक, G20 और प्रमुख वैश्विक आर्थिक रिपोर्टों का अध्यायवार अध्ययन।

IMFविश्व बैंकWTOबहुपक्षीय मंच
इस अध्याय में
1. ब्रेटन वुड्स जुड़वाँ संस्थान (Bretton Woods Twins)2. विश्व व्यापार संगठन (WTO) एवं बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली3. नवीन बहुपक्षीय विकास बैंक एवं क्षेत्रीय संगठन4. प्रमुख वैश्विक आर्थिक रिपोर्ट एवं प्रकाशक (UPSC Prelims Special)5. UPSC परीक्षा विशेष अभ्यास मॉड्यूल

1. ब्रेटन वुड्स जुड़वाँ संस्थान (Bretton Woods Twins)

द्वितीय विश्व युद्ध के पश्चात वैश्विक आर्थिक स्थिरता एवं पुनर्निर्माण हेतु वर्ष 1944 में न्यू हैम्पशायर (अमेरिका) के ब्रेटन वुड्स सम्मेलन में दो प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं की स्थापना की नींव रखी गई, जिन्हें 'ब्रेटन वुड्स ट्विन्स' (Bretton Woods Twins) कहा जाता है:

1.
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund - IMF)
2.
विश्व बैंक (World Bank / IBRD)
┌─────────────────────────────────────────────────────────────────────────┐
│                       ब्रेटन वुड्स सम्मेलन (1944)                        │
└────────────────────┬───────────────────────────────┬────────────────────┘
                     │                               │
                     ▼                               ▼
     ┌───────────────────────────────┐               ┌───────────────────────────────┐
     │  अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF)  │               │       विश्व बैंक समूह (WBG)      │
     ├───────────────────────────────┤               ├───────────────────────────────┤
     │ • अल्पकालिक भुगतान संतुलन संकट│               │ • दीर्घकालिक विकास व बुनियादी  │
     │ • वैश्विक वित्तीय स्थिरता      │               │   ढाँचा वित्तपोषण             │
     │ • मंदी व मुद्रा संकट निवारण   │               │ • गरीबी उन्मूलन व साझा समृद्धि │
     └───────────────────────────────┘               └───────────────────────────────┘

A. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF)

(i) मुख्य उद्देश्य एवं कार्य:

भुगतान संतुलन (BoP) संकट प्रबंधन: सदस्य देशों को अल्पकालिक एवं मध्यमकालिक BoP संकट से उबारने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना।
वैश्विक वित्तीय निगरानी (Surveillance): सदस्य देशों की आर्थिक नीतियों व विनिमय दर प्रणालियों की नियमित समीक्षा (Article IV Consultations)।
क्षमता निर्माण व तकनीकी सहायता: केंद्रीय बैंकों व वित्त मंत्रालयों को राजकोषीय व मौद्रिक नीति निर्माण में सहायता।

(ii) विशेष आहरण अधिकार (Special Drawing Rights - SDR):

प्रकृति: SDR कोई भौतिक मुद्रा नहीं है, बल्कि यह IMF की अंतर्राष्ट्रीय आरक्षित संपत्ति (Reserve Asset) और लेखांकन की इकाई (Unit of Account) है। इसे प्रायः 'कागजी सोना' (Paper Gold) भी कहा जाता है।
SDR मुद्रा टोकरी (SDR Valuation Basket): SDR का मूल्य 5 प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के भारांश (Weightage) के आधार पर निर्धारित होता है (प्रति 5 वर्ष में पुनरीक्षित):
1.
अमेरिकी डॉलर (USD) - सर्वोच्च भारांश
2.
यूरो (EUR)
3.
चीनी युआन / रेन्मिन्बी (CNY) - 2016 में शामिल
4.
जापानी येन (JPY)
5.
ब्रिटिश पाउंड स्टर्लिंग (GBP)
भारत का SDR कोटा: IMF में भारत का वर्तमान कोटा लगभग 2.75% है, जो भारत को 2.63% वोटिंग शेयर (मताधिकार) प्रदान करता है (भारत शीर्ष 10 कोटा धारकों में शामिल है)।

(iii) IMF ऋण सुविधाएँ (Lending Facilities):

स्टैंड-बाय व्यवस्था (Stand-By Arrangements - SBA): अल्पकालिक BoP संकट हेतु।
विस्तारित निधि सुविधा (Extended Fund Facility - EFF): संरचनात्मक समस्याओं के कारण उत्पन्न दीर्घकालिक BoP संकट हेतु (भारत ने 1991 सुधारों के समय इसका उपयोग किया था)।
लचीली साख रेखा (Flexible Credit Line - FCL): सुदृढ़ आर्थिक नींव वाले देशों के लिए बिना किसी कड़े प्रतिबंध के अग्रिम ऋण।

B. विश्व बैंक समूह (World Bank Group - WBG)

विश्व बैंक समूह 5 अंतर्राष्ट्रीय संगठनों का एक विशिष्ट संघ है:

संस्थानस्थापनामुख्य कार्यभारत की सदस्यता
1. IBRD (अंतर्राष्ट्रीय पुनर्निर्माण व विकास बैंक)1944मध्य-आय व साख-योग्य निम्न-आय वाले देशों को विकास ऋणसंस्थापक सदस्य
2. IDA (अंतर्राष्ट्रीय विकास संघ)1960सबसे गरीब देशों को शून्य/न्यूनतम ब्याज पर 'रियायती ऋण' (Concessional Loans / Soft Loan Window)सदस्य
3. IFC (अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम)1956विकासशील देशों में निजी क्षेत्रक के उद्यमों में सीधा निवेश व ऋणसदस्य
4. MIGA (बहुपक्षीय निवेश गारंटी एजेंसी)1988विकासशील देशों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को गैर-वाणिज्यिक/राजनीतिक जोखिम बीमा प्रदान करनासदस्य
5. ICSID (निवेश विवाद निपटान केंद्र)1966सरकारों व विदेशी निवेशकों के बीच विवाद समाधानभारत सदस्य नहीं है (समान अधिकार न होने के आधार पर)
नोट: "विश्व बैंक" (World Bank) शब्द का प्रयोग केवल IBRD + IDA के संयुक्त रूप के लिए किया जाता है।

2. विश्व व्यापार संगठन (WTO) एवं बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली

GATT से WTO तक का सफर:

GATT 1947: द्वितीय विश्व युद्ध के बाद केवल वस्तुओं के व्यापार के लिए 'प्रशुल्क एवं व्यापार पर सामान्य समझौता' (GATT) लागू हुआ।
उरुग्वे दौर (1986–1994): गहन वार्ता के बाद मराकेश समझौते (Marrakesh Agreement 1994) पर हस्ताक्षर हुए।
WTO की स्थापना: 1 जनवरी 1995 को WTO ने GATT का स्थान लिया। इसका दायरा वस्तुओं के साथ-साथ सेवाओं (GATS) और बौद्धिक संपदा (TRIPS) तक विस्तारित हो गया।

WTO के मूलभूत सिद्धांत:

1.
सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र (Most Favoured Nation - MFN): किसी एक सदस्य देश को व्यापार में दी गई रियायत स्वतः सभी WTO सदस्यों पर लागू होगी (कोई भेदभाव नहीं)।
2.
राष्ट्रीय उपचार का सिद्धांत (National Treatment Principle): सीमा शुल्क पार करने के बाद विदेशी वस्तुओं/सेवाओं के साथ घरेलू वस्तुओं के समान ही व्यवहार किया जाएगा।
3.
पारदर्शिता एवं पूर्वानुमेयता: टैरिफ बाधाओं को पारदर्शी बनाना और गैर-टैरिफ बाधाओं (जैसे अनुचित कोटा) को समाप्त करना।

कृषि समझौता (Agreement on Agriculture - AoA):

WTO का कृषि समझौता कृषि व्यापार को उदार बनाने के लिए सब्सिडी को तीन मुख्य डिब्बों (Boxes) में वर्गीकृत करता है:

                                  ┌───────────────────────────┐
                                  │   WTO कृषि सब्सिडी बॉक्स  │
                                  └─────────────┬─────────────┘
                                                │
         ┌──────────────────────────────────────┼──────────────────────────────────────┐
         ▼                                      ▼                                      ▼
┌─────────────────────────┐            ┌─────────────────────────┐            ┌─────────────────────────┐
│      ग्रीन बॉक्स        │            │        ब्लू बॉक्स       │            │       एम्बर बॉक्स       │
├─────────────────────────┤            ├─────────────────────────┤            ├─────────────────────────┤
│ • गैर-व्यापार विकृतिकारी│            │ • उत्पादन सीमित करने    │            │ • व्यापार विकृतिकारी    │
│ • अनुसंधान, कीट नियंत्रण│            │   वाली सरकारी सब्सिडी   │            │ • MSP, उर्वरक/बिजली     │
│ • **कोई सीमा नहीं**     │            │ • **कोई सीमा नहीं**     │            │   सब्सिडी               │
└─────────────────────────┘            └─────────────────────────┘            └─────────────────────────┘
                                                                                       │
                                                                                       ▼
                                                                             ┌───────────────────┐
                                                                             │ **डी-मिनिमिस सीमा**│
                                                                             ├───────────────────┤
                                                                             │ • विकसित: 5%      │
                                                                             │ • विकासशील: 10%   │
                                                                             └───────────────────┘

पीस क्लॉज (Peace Clause - बाली मंत्रीस्तरीय सम्मेलन 2013):

यदि कोई विकासशील देश (जैसे भारत) अपने सार्वजनिक खाद्य भंडारण (PDS/NFSA) के कारण एम्बर बॉक्स की 10% डी-मिनिमिस सीमा का उल्लंघन करता है, तो अन्य देश उस पर WTO विवाद निवारण तंत्र के तहत कानूनी कार्रवाई नहीं कर सकते।

बौद्धिक संपदा अधिकार के व्यापार संबंधी पहलू (TRIPS):

संरक्षण का दायरा: पेटेंट, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क, भौगोलिक संकेत (GI Tag), औद्योगिक डिजाइन, एवं ट्रेड सीक्रेट्स।
अनिवार्य लाइसेंसिंग (Compulsory Licensing - CL): TRIPS समझौते (दोहा घोषणापत्र 2001) के तहत राष्ट्रीय आपातकाल या सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट (जैसे कैंसर/HIV दवाएँ) के समय सरकारें पेटेंट धारक की सहमति के बिना घरेलू कंपनियों को दवा बनाने का लाइसेंस दे सकती हैं।

3. नवीन बहुपक्षीय विकास बैंक एवं क्षेत्रीय संगठन

बैंक / संगठनमुख्यालयस्थापनामुख्य विशेषताएँ व भारत की भूमिका
न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB)शंघाई (चीन)2014 (फोर्टालेजा घोषणा)• ब्रिक्स (BRICS) देशों द्वारा स्थापित।<br>• सभी 5 मूल सदस्यों का समान मताधिकार व शेयरहोल्डिंग (20% प्रत्येक)
एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB)बीजिंग (चीन)2015• एशिया में बुनियादी ढाँचे के वित्तपोषण हेतु।<br>• चीन सबसे बड़ा शेयरधारक है; भारत दूसरा सबसे बड़ा शेयरधारक (~7.6% वोटिंग पावर)
एशियाई विकास बैंक (ADB)मनीला (फिलिपिन्स)1966• एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सामाजिक व आर्थिक विकास हेतु।<br>• जापान और अमेरिका इसके सबसे बड़े शेयरधारक हैं।
G20 (Group of Twenty)कोई स्थायी सचिवालय नहीं1999 (शीर्ष सम्मेलन 2008 से)• दुनिया की 85% जीडीपी और 75% वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व।<br>• भारत अध्यक्षता (2023): नई दिल्ली घोषणापत्र एवं अफ्रीकी संघ (African Union) का स्थायी सदस्य के रूप में प्रवेश।

4. प्रमुख वैश्विक आर्थिक रिपोर्ट एवं प्रकाशक (UPSC Prelims Special)

संगठन / संस्थाप्रकाशित रिपोर्ट
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF)1. विश्व आर्थिक आउटलुक (World Economic Outlook - WEO)<br>2. वैश्विक वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट (Global Financial Stability Report - GFSR)
विश्व बैंक (World Bank)1. वैश्विक आर्थिक संभावनाएँ (Global Economic Prospects - GEP)<br>2. महिला, व्यवसाय और कानून रिपोर्ट (Women, Business and the Law Report)
विश्व आर्थिक मंच (WEF)1. वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता रिपोर्ट (Global Competitiveness Report)<br>2. वैश्विक लैंगिक अंतराल रिपोर्ट (Global Gender Gap Report)<br>3. वैश्विक जोखिम रिपोर्ट (Global Risks Report)
अंक्टाड (UNCTAD)1. विश्व निवेश रिपोर्ट (World Investment Report)
UNDP1. मानव विकास रिपोर्ट (Human Development Report - HDI, MPI)

5. UPSC परीक्षा विशेष अभ्यास मॉड्यूल

A. प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1: अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.
SDR (विशेष आहरण अधिकार) IMF की एक भौतिक मुद्रा है जिसे अंतर्राष्ट्रीय बाजार में स्वतंत्र रूप से भुनाया जा सकता है।
2.
SDR मूल्य निर्धारण टोकरी (Basket) में अमेरिकी डॉलर, यूरो, जापानी येन, ब्रिटिश पाउंड और चीनी युआन शामिल हैं।
3.
भारत IMF के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में 10% से अधिक मताधिकार रखता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? (a) केवल 1 और 2 (b) केवल 2 (c) केवल 2 और 3 (d) 1, 2 और 3

उत्तर: (b)
व्याख्या:
- कथन 1 असत्य है: SDR कोई भौतिक मुद्रा नहीं है, बल्कि यह IMF की एक अमूर्त आरक्षित संपत्ति और लेखांकन इकाई है।
- कथन 2 सत्य है: SDR बास्केट में 5 मुद्राएँ शामिल हैं - USD, EUR, CNY, JPY, GBP।
- कथन 3 असत्य है: IMF में भारत का मताधिकार (Voting Share) लगभग 2.63% है, न कि 10%।

B. मुख्य परीक्षा (Mains) उत्तर-लेखन ढाँचा (Blueprint)

प्रश्न: "वैश्विक अर्थशास्त्र में बहुपक्षवाद के संकट (Crisis of Multilateralism) के दौर में वैश्विक वित्तीय संस्थानों (IMF, WB, WTO) में ढाँचागत सुधारों की तात्कालिक आवश्यकता है।" भारत के हितों के विशेष संदर्भ में चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

                            मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन ढाँचा
┌─────────────────────────────────────────────────────────────────────────┐
│ 1. भूमिका (Introduction - 30-40 शब्द):                                  │
│    • ब्रेतन वुड्स संस्थानों की 1944 की स्थापना और वर्तमान वैश्विक आर्थिक   │
│      वास्तविकताओं (Global South का उभार) के बीच बढ़ते अंतर को रेखांकित करें। │
├─────────────────────────────────────────────────────────────────────────┤
│ 2. मुख्य भाग (Body Paragraphs - 150-160 शब्द):                          │
│    • बहुपक्षवाद का संकट:                                                │
│      - WTO का विवाद निवारण अपीलीय निकाय (Appellate Body) का ठप्प होना।  │
│      - IMF में विकसित देशों का वर्चस्व (अमेरिका के पास विटो पावर >15%)।│
│      - WTO कृषि समझौते में विकासशील देशों की खाद्य सुरक्षा पर दबाव।     │
│    • आवश्यक सुधार एवं भारत का दृष्टिकोण:                                │
│      - IMF कोटा पुनरीक्षण: उभरती अर्थव्यवस्थाओं (BRICS) को आनुपातिक     │
│        प्रतिनिधित्व।                                                    │
│    • वैकल्पिक बहुपक्षवाद:                                               │
│      - NDB, AIIB और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार (De-dollarization) का   │
│        उभार।                                                            │
├─────────────────────────────────────────────────────────────────────────┤
│ 3. निष्कर्ष (Way Forward / Conclusion - 30-40 शब्द):                   │
│    • G20 नई दिल्ली घोषणापत्र के अनुरूप 'सुधारित बहुपक्षवाद'             │
│      (Reformed Multilateralism) की आवश्यकता तथा Global South की आवाज़   │
│      बनाने में भारत की नेतृत्वकारी भूमिका का उल्लेख करते हुए सकारात्मक   │
│      अंत करें।                                                          │
└─────────────────────────────────────────────────────────────────────────┘