आरबीआई मौद्रिक नीति समिति समीक्षा: रेपो दर 5.50% और तटस्थ रुख
मौद्रिक नीति समिति ने नीतिगत रेपो दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि कर इसे 5.50% किया और नीति रुख को ‘तटस्थ’ रखा।
पाठ्यक्रम से सीधा संबंध
- प्रारंभिक: रेपो दर, स्थायी जमा सुविधा, सीमांत स्थायी सुविधा, मुद्रास्फीति और आरबीआई।
- मुख्य सामान्य अध्ययन–III: मौद्रिक नीति संचरण, मूल्य स्थिरता और आर्थिक वृद्धि।
चर्चा में क्यों?
भू-राजनीतिक अनिश्चितता, कच्चे तेल की अस्थिरता और खाद्य मुद्रास्फीति के दबावों के बीच समिति ने रेपो दर 25 आधार अंक बढ़ाकर 5.50% की। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि अनुमान 7.1% किया गया और रुख ‘तटस्थ’ रखा गया।
मौद्रिक नीति समिति की संरचना
- आरबीआई अधिनियम, 1934 की धारा 45ZB के तहत छह सदस्यीय सांविधिक निकाय।
- तीन सदस्य आरबीआई से और तीन बाह्य सदस्य केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त।
- आरबीआई गवर्नर पदेन अध्यक्ष; मत बराबर होने पर निर्णायक मत गवर्नर देते हैं।
मुख्य नीतिगत दरें और मुद्रास्फीति लक्ष्य
- रेपो दर: बैंकों की आरबीआई से अल्पकालिक उधारी की नीति दर।
- SDF: बिना कोलैटरल अतिरिक्त तरलता अवशोषित करने की सुविधा; सामान्यतः रेपो से 25 आधार अंक नीचे।
- MSF: आपातकालीन बैंक उधारी; सामान्यतः रेपो से 25 आधार अंक ऊपर।
- मुद्रास्फीति लक्ष्य: उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित 4%, ±2% सहनशीलता बैंड।
मौद्रिक संचरण कैसे होता है?
रेपो दर बढ़ने पर बैंकों की निधि लागत बढ़ सकती है। इसका प्रभाव सावधि जमा, एमसीएलआर और बाह्य बेंचमार्क आधारित उधारी दरों पर पड़ता है। ऋण महँगा होने से उपभोग और निवेश मांग पर दबाव पड़ सकता है।
मुख्य परीक्षा विश्लेषण
दर वृद्धि के पक्ष में
- मुद्रास्फीति अपेक्षाओं को स्थिर रखना।
- वैश्विक ऊँची ब्याज दरों के बीच पूंजी प्रवाह और विनिमय दर पर दबाव कम करना।
विकास के लिए चुनौती
- आवास, वाहन और व्यक्तिगत ऋण की ईएमआई बढ़ सकती है।
- निजी पूंजीगत व्यय धीमा हो सकता है।
खाद्य मुद्रास्फीति जैसी आपूर्ति-पक्षीय समस्या के लिए मौद्रिक नीति के साथ बफर स्टॉक और आपूर्ति प्रबंधन भी आवश्यक हैं।
अभ्यास प्रश्न
प्रारंभिक: (1) एमपीसी का गठन आरबीआई अधिनियम के तहत हुआ है; (2) केंद्र द्वारा नियुक्त बाह्य सदस्यों का कार्यकाल चार वर्ष होता है और वे पुनर्नियुक्ति के पात्र नहीं होते; (3) बराबर मत पर निर्णायक मत वित्त मंत्री देते हैं। सही उत्तर: केवल 1 और 2।
मुख्य: भारत में मौद्रिक नीति संचरण की प्रभावशीलता और सीमाओं का विश्लेषण कीजिए।
त्वरित पुनरावृत्ति
- रेपो दर → 5.50%
- परिवर्तन → +25 आधार अंक
- रुख → तटस्थ
- वृद्धि अनुमान → 7.1%
- एमपीसी → 6 सदस्य